क्या आप जो रेडिमेड मसाला खा रहे हैं, वह शुद्ध है? इसमें कपड़े, जूते और प्लास्टिक को चमकाने वाले घातक औद्योगिक रंग भी हो सकते हैं, जिसे आप लाल मिर्च और हल्दी पाउडर समझ रहे हैं।

भास्कर के रिपोर्टर ने पाली जिले के सुमेरपुर स्थित मसाला फैक्ट्रियों में एक महीने तक इसकी पड़ताल की तो यह खुलासा हुआ।

दो प्रमुख ब्रांड्स हंसा मसाला उद्योग और चामुंडा ट्रेडिंग कंपनी से होलसेल खरीदार बनकर संपर्क साधा। इन फर्मों ने महज 110 से 120 रुपए प्रति किलो के होलसेल भाव में मिर्ची, हल्दी और धनिया उपलब्ध करवाने की डील की।

सैंपल को राजस्थान सरकार की पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी, उदयपुर भेजा गया। जांच रिपोर्ट में दोनों ही सैंपल इंसानी सेहत के लिए असुरक्षित पाए गए।

इनमें कपड़े और चमड़े रंगने वाले सूडान-II और मेटानिल येलो जैसे घातक केमिकल मिले, जो शरीर में पहुंचकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बनते हैं। यही मसाला बाजार में 250 से 400 रुपए किलो तक बेचा जा रहा है।


लाल मिर्च पाउडर में था सूडान II और मेटानिल येलो केमिकल

सुमेरपुर में शीतला माता मंदिर के पास संचालित चामुंडा ट्रेडिंग कंपनी से यह सैंपल जुटाया था। लैब जांच में इसमें सूडान II और मेटानिल येलो की मौजूदगी पाई गई।

शुद्धता और गुणवत्ता तय करने वाले मानक जैसे नॉन-वोलेटाइल ईथर एक्सट्रैक्ट (11.09%) भी तय सीमा (न्यूनतम 12%) से कम मिले।

हल्दी पाउडर में आटा व मेटानिल येलो केमिकल डाई मिली

यह सैंपल सुमेरपुर की हंसा मसाला उद्योग से हासिल किया। यह भी अनेसफ मिला। इसमें न केवल प्रतिबंधित रासायनिक रंग मेटानिल येलो मिलाया गया था।

बल्कि स्टार्च (आटा) की मात्रा 80.73% पाई गई, जबकि नियम के अनुसार यह 60% से अधिक नहीं हो सकती। यानी वजन बढ़ाने के लिए इसमें हल्दी से ज्यादा चावल व मक्के का आटा और घटिया स्टार्च झोंका गया था।


ऐसे तैयार करते हैं नकली मिर्च और हल्दी पाउडर

गेहूं और चावल की भूसी, खराब स्टार्च और धूप में रंग खो चुकी सड़ी-गली मिर्च को पीसकर उसमें डाई का घोल मिलाते हैं।
मिर्च में सूडान-II बहुत गहरा या मटमैला लाल रंग देता है। चमकीला नारंगी-लाल रंग देने के लिए सूडान-II में मेटानिल येलो मिलाते हैं।
हल्दी में चावल का सस्ता आटा मिलाते हैं। पीलापन बढ़ाने के लिए कपड़ा उद्योग में काम आने वाला मेटानिल येलो डालते हैं।


चामुंडा ट्रेडिंग कंपनी : आपको जैसा माल चाहिए, वैसा बना देंगे

भास्कर : मसाला चाहिए, हमें रिटेल में आगे बेचना है?
व्यापारी : आपको जैसा माल चाहिए वो मिल जाएगा। 120 रुपए में हल्दी, मिर्ची व धनिया मिल जाएगी।
भास्कर : 120 रुपए वाले मसाले में क्या मिला होगा?
व्यापारी : क्या मिला है उस पर बात नहीं करते। थोड़ा अच्छा माल लेकर उसमें यह 120 वाली मिक्स करके बेच देना। बाकी आपको इससे भी सस्ती चाहिए तो बता दो, उतने रेट वाला मसाला बनाकर दे देंगे।


हंसा मसाला ब्रांड के मालिक हितेश प्रजापत से फैक्ट्री का पता पूछा, तो उसने इनकार कर दिया और शिवगंज आने को कहा। जांच एजेंसियों और छापों के डर से वे अनजान खरीदारों को सुमेरपुर स्थित फैक्ट्री नहीं ले जाते। हितेश सुमेरपुर से सैंपल लेकर शिवगंज पहुंचा और डील की।

रिपोर्टर : आगे रिटेल बेचने के लिए मसाला चाहिए?
व्यापारी : 130 से लेकर 300 रुपए किलो तक का मिल जाएगा।
रिपोर्टर : 130 वाले की कैसी क्वालिटी रहेगी और इसमें क्या-क्या मिला है?
व्यापारी : सस्ते वाला मसाला है, इसमें सर्व गुण संपन्न है। इसकी कोई गारंटी नहीं है, बस सब (मिलावट) आएगा। बाकी ज्यादा रेट वाले अच्छे हैं।


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर भर्ती के नाम पर 30 से 40 हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं, जबकि भर्ती मेरिट के आधार पर होती है। सवाईमाधोपुर सहित कई इलाकों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।