मध्य प्रदेश में धनतेरस से पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। धनतेरस से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत पूरे प्रदेश के बाजारों में भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है।
भोपाल में करीब 2500 कारें और 7000 से ज्यादा टूव्हीलर बिकेंगे। इनकी बुकिंग पहले से ग्राहकों ने कर दी। हालांकि, सप्लाई से ज्यादा डिमांड है। इस वजह से दीपावली के बाद भी मार्केट में रौनक बनी रहेगी।
भोपाल में 20 से ज्यादा बड़े कार शोरूम है। जहां एक महीने पहले से बुकिंग की गई। जेके रोड स्थित एसएनआर किया के सीईओ सौरभ सोनी ने बताया कि अबकी बार सप्लाई से ज्यादा डिमांड है। इनमें सीएनजी और इलेक्ट्रिक कारों की मांग ज्यादा है।
उनके शोरूम पर ही धरतेरस पर 200 से ज्यादा कारों की बुकिंग हुई है। सभी कंपनियों में कई मॉडल की डिमांड तो है, लेकिन सप्लाई नहीं। इस वजह से दीपावली के दिन और उसके बाद देवउठनी एकादशी तक मार्केट में रोनक बनी रहेगी।
भोपाल ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष पांडे ने बताया कि टूव्हीलर में 5 प्रतिशत तक की ग्रोथ होने की उम्मीद है। कार और टूव्हीलर में इलेक्ट्रिक की मांग ज्यादा है।
वहीं इंदौर में 1200 करोड़, ग्वालियर में 900 करोड़ के कारोबार का अनुमान है।
भोपाल में 1000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार
पिछले साल करीब 800 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था। इनमें 125 करोड़ के वाहन बिके थे। वहीं, 200-200 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी और ज्वेलरी शामिल हैं। सराफा कारोबारी नवनीत अग्रवाल ने बताया कि धनतेरस-दीपावली के साथ ग्राहक शादी की खरीदारी भी कर रहे हैं।
इस बार बढ़ेगा खरीदी का आंकड़ा
बाजार एक्सपर्ट की मानें तो इस बार यह आंकड़ा 1 हजार करोड़ रुपए के ऊपर पहुंचेगा। 225 से 250 करोड़ रुपए के सिर्फ वाहन ही बिकेंगे।
इस बार कार के हिचबेक सेगमेंट में 6 से 8 लाख रुपए, सेडान सेगमेंट में 10 से 25 लाख, एक्सयूवी सेगमेंट में 25 से 50 लाख रुपए के वाहनों की डिमांड है। यही वजह है कि हर वर्ग के लिए शोरूम में कार मौजूद है।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक टूव्हीलर की शुरुआत सवा लाख से शुरू होकर पौने 2 लाख तक है।
शुभ मुर्हूत में होगी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री
धनतेरस पर लोगों प्रॉपर्टी के भी सौदे करेंगे। इसके चलते वे शुभ मुहूर्त में रजिस्ट्री कराएंगे। आईएसबीटी और परी बाजार स्थित दोनों ही रजिस्ट्रार ऑफिस खुले रहेंगे। ताकि, लोगों को खरीद-फरोख्त में दिक्कत न हो। इस दिन 500 से ज्यादा रजिस्ट्री होने का अनुमान है।
इंदौर में पिछले साल से ज्यादा का अनुमान
इंदौर में इस बार दीपावली पर ऑटोमोबाइल, सोना-चांदी और बर्तन बाजार में जबर्दस्त रौनक रहने की उम्मीद है। पिछले साल ऑटोमोबाइल सेक्टर में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हुआ था, जिसमें 4 हजार कारें और 11 हजार दोपहिया वाहन बिके थे। इस बार 5 हजार से ज्यादा कारों और 12 हजार से अधिक दोपहिया वाहनों की बिक्री संभावित है।
इंदौर चांदी-सोना जवाहर एसोसिएशन के सह सचिव ईश्वर जैन के मुताबिक, धनतेरस पर बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। निवेशक सोने की कैडबरी भी खरीद रहे हैं, जिसकी कीमत चार दिन में 1.42 लाख से बढ़कर 1.48 लाख रुपए हो गई है।
ग्वालियर में 900 करोड़ तक पहुंच सकता है कारोबार
ग्वालियर के बाजारों में रौनक है और इस बार 700 से 900 करोड़ रुपए तक के कारोबार की उम्मीद है। महाराज बाड़ा, मुरार और किलागेट के बाजारों में सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट की खरीदारी के लिए सुबह से भीड़ जुट रही है।
पिछले साल करीब 500 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था। भीड़ बढ़ने पर महाराज बाड़ा और मुख्य सराफा बाजार नो व्हीकल जोन बनेंगे। सुरक्षा के लिए 1200 पुलिस अधिकारी-जवान तैनात हैं। वॉच टॉवर, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है।
उज्जैन में 100 करोड़ तक सराफा बाजार
धनतेरस पर उज्जैन के बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। सराफा बाजार में 100 करोड़ रुपए के कारोबार की उम्मीद है, जबकि दोपहिया बाजार में करीब 1000 वाहनों की बिक्री से 10 करोड़ और कार बाजार में 800 से 1000 वाहनों की डिलीवरी से 20 से 25 करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान है। जमीन और प्रॉपर्टी की खरीदारी में भी लोगों ने रुचि दिखाई है।
जबलपुर में रियल एस्टेट में 90 करोड़ का कारोबार
जबलपुर में धनतेरस पर बाजारों में जबर्दस्त कारोबार का अनुमान है। सराफा बाजार में करीब 120 करोड़ रुपए, बर्तन बाजार में 12 करोड़ रुपए और रियल एस्टेट में 90 करोड़ रुपए की खरीदारी संभावित है। वहीं, कार बाजार में करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपए और मोटरसाइकिल बाजार में 2 करोड़ 25 लाख रुपए के कारोबार की उम्मीद है।
बच्चों के कपड़े खरीदने में ही बजट बिगड़ गया। सोना-चांदी के साथ दूसरी चीजें भी महंगी हैं। इसलिए अब तय लिस्ट में कटौती करके खरीदारी करनी पड़ रही है। यह कहना है शर्मिला राणे का, जो भोपाल के न्यू मार्केट में दिवाली की खरीदारी करने पहुंची थीं। उनका अनुभव अकेले का नहीं है। पिछले साल जिस बजट में घर की पुताई, नए कपड़े, मिठाइयां और पटाखे आ जाते थे, इस बार वही सामान खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।