दिग्विजय ने बेटे जयवर्धन के सिर पर सजाया साफा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का एक वीडियो चर्चा में है। इसमें दिग्विजय सिंह आदिवासियों के साथ नृत्य करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान वे अपने विधायक बेटे जयवर्धन सिंह के साथ भी थिरकने लगते हैं।
कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब दिग्विजय सिंह अपने सिर पर बंधा साफा उतारकर बेटे जयवर्धन के सिर पर रख देते हैं। यात्रा के इस सीन ने सबका ध्यान खींच लिया।
अब इसे पिता का स्नेह कहें या कोई सियासी संदेश। दिग्विजय सिंह पर पहले से ही आरोप लगते रहे हैं कि वे बेटे जयवर्धन के राजनीतिक भविष्य को संवारने के लिए पसीना बहा रहे हैं।
लिहाजा, लोग साफे की इस अदला-बदली को भी उसी नजरिए से देख रहे हैं। चुटकियां ली जा रही हैं कि राजकुमार को सिंहासन मिले न मिले, राजा साहब ने तो ताजपोशी कर दी है।
मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने राहुल गांधी की बैल से तुलना की
मध्य प्रदेश के मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने राहुल गांधी की तुलना बैल से कर दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह बैल को लाल कपड़ा दिखाने पर वह भड़क जाता है, उसी तरह मोदी का नाम सुनकर राहुल बाबा भड़क जाते हैं।
मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने राहुल गांधी को विक्षिप्त तक बता दिया। मंत्री खंडवा में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा में शामिल होने आए थे।
दरअसल, भाजपा ने इन दिनों 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान छेड़ रखा है। हालांकि, अभियान में लोकतंत्र से ज्यादा फोकस राहुल गांधी पर नजर आ रहा है।
वहीं, कांग्रेस इस घटनाक्रम को अपने नेता की सियासी ताकत से जोड़कर देख रही है। नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के कारण ही भाजपा को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, यानी भाजपा के अभियान में निशाने पर राहुल हैं, लेकिन कांग्रेस इसे अपने नेता की चर्चा और प्रभाव के तौर पर पेश कर रही है।
विधायक जी ने थामी झाड़ू, सफाई के साथ प्रचार भी
विदिशा जिले के सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जब शहर की सड़कों पर कचरा फैलने लगा तो विधायक जी खुद झाड़ू लेकर सफाई करने उतर गए।
विधायक ने कहा- दीपावली के सीजन में गंदगी हो रही है, इसलिए हम सब मिलकर सफाई कर रहे हैं।
हालांकि, विधायक की इस सांकेतिक सेवा को आपदा में अवसर के तौर पर भी देखा जा रहा है। उन्होंने बाकायदा कैमरों के सामने झाड़ू लगाई, रील बनाई और सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर दी।
अब भले ही विधायक ने सफाई का संदेश दिया, लेकिन लोग तंज भी कस रहे हैं। कह रहे हैं कि नेताओं को तो बस सुर्खियों में आने का मौका चाहिए। इसके लिए वे कहीं भी, कभी भी पब्लिसिटी स्टंट करने से नहीं चूकते।
अफसरों के श्रेय की होड़ में अटकी बातचीत
राजधानी में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हैं। त्योहारी सीजन में इस संकट के बीच सुलह का कोई रास्ता नहीं निकल पा रहा है।
विभाग के अधिकारी हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन कर्मचारी उनसे बात करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बातचीत के लिए दूसरे विभाग के सचिव स्तर के एक अधिकारी पर भरोसा जताया है।
अब दिक्कत यह है कि विभाग के अधिकारी खुद आगे बढ़कर उस अधिकारी के पास नहीं जाना चाहते। उधर संबंधित अधिकारी मध्यस्थता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें भी न्योते का इंतजार है।
कुल मिलाकर, सफाई का मामला अब अधिकारियों की पूछ-परख, यानी श्रेय लेने की होड़ में उलझ गया है। अब देखना यह है कि सरकार इस गतिरोध का क्या रास्ता निकालती है।
इनपुट सहयोग - सावन राजपूत (खंडवा), लक्ष्मण सिंह कटिहार (सिरोंज)