यूट्यूबर अंकुश बहुगुणा ने सोशल मीडिया साइट पर वीडियो पोस्ट करके 40 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट होने की जानकारी थी। अंकुश ने रविवार को वीडियो में कहा- मैं अभी भी सदमे में हूं। मैंने पैसे गंवा दिए और मानसिक शांति खो दी। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरे साथ ऐसा हुआ। अन्य लोगों के साथ ऐसा न हो इसलिए मैं यह वीडियो पोस्ट कर रहा हूं।
अंकुश ने कहा- आप में से बहुत से लोग इसके बारे में जानते हैं लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि स्कैमर्स आपको कंट्रोल करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं। कई बार आप कुछ सेकंड में स्कैम का पता लगा लेते हैं लेकिन अगर आप मेरे जैसे हैं और झांसे में आ जाते हैं।
अंकुश बहुगुणा के यूट्यूब पर 745K यानी 7.45 लाख सब्स्क्राइबर हैं। वे कॉमेडी और मेकअप टिप्स के वीडियो बनाते हैं।
विस्तार से समझिए...
स्कैमर्स पुलिस वर्दी में थे, क्रिमिनल्स का नाम लेकर पूछताछ की
अंकुश ने बताया- मैं जिम से लौटा तो मुझे एक बहुत ही अजीब नंबर से कॉल आया। यह इंटरनेशनल नंबर जैसा लग रहा था। मैंने बिना ज्यादा सोचे फोन उठा लिया। ये ऑटोमेटेड कॉल थी, एक स्वचालित कॉल थी जिसमें कहा गया कि मेरे कूरियर की डिलीवरी कैंसिल कर दी गई है। हेल्प के लिए जीरो दबाएं। मैंने किसी को कुछ भी कूरियन नहीं किया था फिर भी मैंने जीरो दबा दिया। उधर से कस्टमर केयर ने जवाब दिया कि आपके पैकेज में अवैध चीजें पकड़ी गई हैं । आप जो पैकेट चीन भेज रहे थे, उसे कस्टम ने उसे जब्त कर लिया है। मैं डर गया, मैंने कहा कि मैंने कुछ भी नहीं भेजा। उसने कहा कि मेरा नाम, मेरा आधार नंबर, सब कुछ पैकेट पर लिखा है। यह सीरियस केस है। आपके नाम पर पहले से वारंट है, आप डिजिटल अरेस्ट हो चुके हैं। इसके बाद पता नहीं कैसे वॉइस कॉल, वाट्सऐप वीडियो कॉल में बदल गई। वीडियो कॉल में स्कैमर्स पुलिस की वर्दी पहने दिख रहे थे। उन लोगों ने कहा कि आपके नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग ट्रैपकिंग जैसे सीरियल केस हैं। कुछ क्रिमिनल्स के नाम लेकर मुझसे पूछताछ करने लगे।
लगातार 40 घंटे तक चली कॉल, किसी से कॉन्टैक्ट नहीं कर सका
यूट्यूबर अंकुश ने बताया- इस सबसे मैं बुरी तरह डर गया था। मैं जानता था कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है लेकिन स्कैमर्स ऐसी सिचुएशन बना देते हैं कि आप कुछ सोच नहीं पाते। इसके बाद अगले 40 घंटे मैं डिजिटल अरेस्ट रहा। मैं कॉल नहीं काट सकता था, किसी से कॉन्टैक्ट नहीं कर सकता था। काफी देर बाद उन्होंने मुझे बैंक जाकर कुछ अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करने को कहा लेकिन जब तक मैं पहुंचा बैंक बंद हो चुका था। इसके बाद उन लोगों ने मुझे घर जाने के बजाय एक होटल में ठहरने के लिए कहा। इस दौरान मेरे दोस्त मुझे कॉल-मैसेज कर रहे थे, लेकिन मैं सभी से कह रहा था कि मैं ठीक हूं।
कॉल कटने के बाद भी लगता रहा कोई पीछा तो नहीं कर रहा
अंकुश ने बताया कि होटल पहुंचने पर मुझे नींद आ गई। कुछ देर बाद अचानक मेरी नींद खुली तो मेरे फोन पर एक दोस्त का मैसेज दिखा कि ऐसा लगा रहा है कि तुम किसी हाउस अरेस्ट में हो,अगर ऐसा कुछ है तो ये फ्रॉड है। स्कैमर्स को ये पता चल गया तो मुझसे सवाल करने लगे, लेकिन मुझे शक हो चुका था।
मैंने उन लोगों से कहा कि यहां मुझे सेफ नहीं लग रहा, मैं पुलिस स्टेशन आना चाहता हूं। इस पर वे लोग बोले कि आपकी सिक्योरिटी के लिए होटल के नीचे हमारे लोग हैं। यह सुनकर मैं और घबरा गया। फिर मैंने हिम्मत करके कॉल काटी और होटल से बाहर आया। दोस्त को कॉल करके सारी बात बताई। ऑटो में बैठने के बाद भी मुझे डर लग रहा था कि कोई मेरा पीछा तो नहीं कर रहा। इसके बाद मैंने पुलिस में शिकायत दे दी है।
10 साल में डिजिटल फ्रॉड में ₹4.69 लाख करोड़ का नुकसान
रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट से पता चला है कि 2023 के दौरान देश में 30 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी हुई। हाउस अरेस्ट में नकली पुलिस स्टेशन, सरकारी ऑफिस बनाने और पुलिस वर्दी पहनने जैसे हथकंडे भी अपनाए जा रहे हैं। पिछले एक दशक में, भारतीय बैंकों ने धोखाधड़ी के 65,017 मामलों की सूचना दी है। इस कारण कुल 4.69 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। साइबर अपराधी बेखबर लोगों को धोखा देने के लिए UPI, क्रेडिट कार्ड, ओटीपी, जॉब और डिलीवरी स्कैम सहित कई तरह के तरीके अपनाते हैं।