वॉशिंगटन। अमेरिका में अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लायड की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने राजधानी वॉशिंगटन डीसी में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। ब्लैक लाइव्स मैटर के समर्थक वॉशिंगटन में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दौरान कुछ शरारती तत्वों ने बापू की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। वॉशिंगटन की पुलिस ने दोषी व्यक्तियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इस बीच अमेरिका में जॉर्ज फ्लायड की मौत के विरोध में प्रदर्शन जारी है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश की राजधानी में नैशनल गार्ड के सैनिकों और प्रवर्तन अधिकारियों को भारी संख्या में तैनात करने करने का बुधवार को श्रेय लेते हुए कहा कि इसने राज्यों को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों को कुचलने के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सोमवार रात व्हाइट हाउस के बाहर की गई कठोर कार्रवाई का राष्ट्रपति ने समर्थन किया है, जो देश की राजधानी में आक्रामक कार्रवाई कर शेष देश के लिए एक उदाहरण पेश करना चाहते थे। रक्षा विभाग ने जरूरत पडऩे पर सैनिकों को तैनात करने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाई हैं। देश की राजधानी में हालात बिगडऩे पर और नेशनल गार्ड के सुरक्षा नहीं कर पाने की स्थिति में थल सेना की एक डिविजन से सैनिकों को व्हाइट हाउस और अन्य संघीय इमारतों की सुरक्षा में लगाए जाने की योजना है।
अमेरिका के 28 राज्यों में अशांति
मिनेपोलिस शहर की पुलिस की हिरासत में अफ्रीकी मूल के अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के खिलाफ अमेरिका में शुरू हुआ हिंसक प्रदर्शन लगातार आठवें दिन जारी रहा। कई शहरों में लगे कफ्र्यू के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने इसका उल्लंघन किया। लॉस एंजिलिस में कफ्र्यू के बावजूद रैली निकाली गई। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप के सेना लगाने के बयान पर व्हाइट हाउस ने बुधवार को नरम रुख अपनाया। न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया, शिकागो और वाशिंगटन डीसी समेत अमेरिका के कई शहरों में अश्वेत की मौत के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किए गए। इनमें से कुछ जगह हिंसक प्रदर्शन भी हुए। कुछ स्थानों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए और बड़े पैमाने पर लूटपाट भी हुई। यहां संपत्ति व स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया और वाहनों को आग लगा दी गई। ऐसा बताया जा रहा है कि अमेरिका में हालिया दशकों में इतने बड़े पैमाने पर असैन्य अशांति नहीं फैली है। प्रदर्शनों में हिंसा के चलते न्यूयॉर्क और वाशिंगटन समेत कई शहरों में कफ्र्यू लगाया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कफ्र्यू को भी तोड़ा। बोस्टन में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी की। यहां सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया। देश के 28 राज्यों और वाशिंगटन डीसी में अशांति है जहां 20,400 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
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