सरकार ने क्या किए हैं उपाय?
युद्ध के कारण समस्याओं का सामना कर रहे निर्यातकों की मदद के लिए वाणिज्य मंत्रालय ने 19 मार्च को 'RELIEF' नाम के पैकेज की शुरुआत की थी। यह एक विशेष पहल थी। इसका मकसद उन भारतीय निर्यातकों को सहायता प्रदान करना था जो माल ढुलाई की लागत में बढ़ोतरी, बीमा प्रीमियम में इजाफे और खाड़ी के अलावा व्यापक पश्चिम एशिया के समुद्री गलियारे में पैदा हुए व्यवधानों के कारण युद्ध-संबंधी निर्यात जोखिमों से प्रभावित हुए थे।सूत्रों के अनुसार, मार्च 2026 के बाद अप्रैल में भी जारी युद्ध का निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। मार्च 2025 में जहां वस्तुओं का निर्यात 42.05 अरब डॉलर था। वहीं, मार्च 2026 में यह सालाना आधार पर 7.44% घटकर 38.92 अरब डॉलर रह गया।
इसके साथ ही मार्च महीने में पश्चिम एशिया को होने वाले भारत के निर्यात में भी 57.95% की भारी गिरावट दर्ज की गई।
