प्रेसिडेंशियल वेबसाइट पर कश्मीर का जिक्र नहीं
राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, टोकायेव ने कहा कि हमने ग्लोबल शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए खास कदमों पर भी चर्चा की। इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में मिलकर हिस्सा लेने के लिए सरकारों के बीच मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर किए गए। यह दस्तावेज अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने में हमारी साझेदारी को बढ़ाने के लिए एक मजबूत नींव रखता है।कश्मीर पर भारत के साथ कजाकिस्तान
कजाकिस्तान ने भारत-पाकिस्तान विवाद और कश्मीर मुद्दे पर नई दिल्ली के रुख का समर्थन किया है कि यह दो देशों के बीच विवाद है और इसमें किसी तीसरे पक्ष के दखल की गुंजाइश नहीं है। दूसरे मध्य एशियाई देशों का भी यही रुख है, जो सोवियत काल से चला आ रहा है। कजाकिस्तान ने OIC की बैठक में भी कश्मीर मुद्दे पर भारत के रुख का समर्थन किया है।मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, टोकायेव ने 2025 में इस्लामाबाद की अपनी यात्रा दो बार रद्द की। इसके साथ ही जब से वह राष्ट्रपति बने हैं, तभी से भारत आने के इच्छुक हैं। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन समिट के लिए अस्ताना जाएंगे, लेकिन यह दौरा नहीं हो सका। कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री इस महीने AI इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं।
