भारत-यूरोप डील से चिढ़े अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर लिया यू-टर्न, एक्सपर्ट ने ट्रंप के डबल स्टैंडर्ड की खोली पोल
Updated on
28-01-2026 02:52 PM
वॉशिंगटन: भारत और यूरोपीय संघ ने शनिवार 27 जनवरी को ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ट्रेड डील को होने से रोकने के लिए अमेरिका ने पूरी कोशिश की थी। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने यहां तक कहा कि यूरोप अपने खिलाफ युद्ध की फंडिंग कर रहा है। आखिरकार भारत और यूरोप ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से इनकार किया और इस समझौते को अमली जामा पहना दिया। लेकिन अमेरिका को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है। डील के बाद ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर भारत को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ट्रंप के व्यापार प्रतिनिधि ने रूसी तेल खरीद को लेकर बयान दिया और कहा कि अमेरिका की चिंताओं को दूर करने के लिए भारत को और काम करने की जरूरत है।
ट्रंप के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि वॉशिंगटन अभी भी भारत की रूसी तेल खरीद पर नजर रखा है। इसका मतलब है कि ट्रंप प्रशासन का भारत के खिलाफ लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को जल्द हटाने का इरादा नहीं है। ग्रीर का यह बयान ट्रंप के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के दावोस में दिए बयान से बिल्कुल उलट है। बेसेंट ने कहा था कि रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25% टैरिफ लगाने के बाद भारतीय खरीदारी कम हो गई है।
ट्रंप प्रशासन का रूसी तेल पर यू-टर्न
बेसेंट ने तेल खरीदारी कम होने को बड़ी सफलता बताते हुए कहा था कि मुझे लगता है कि अब इन्हें हटाने का रास्ता है और यह एक अच्छी बात है। लेकिन अब ग्रीर ने इस मामले पर उलट बयान दिया है। यह साफ बता रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अहंकारी रवैये के चलते भारत के साथ एक बेकार का गतिरोध पैदा कर लिया है। हाल ही में ट्रंप की पार्टी के सीनेटर टेड क्रूज के एक ऑडियो लीक से पता चलता है कि ट्रंप खुद भारत के साथ डील में बाधा बन रहे हैं।
अमेरिका का डबल स्टैंडर्ड आया सामने
पूर्व भारतीय राजनयिक कंवल सिब्बल ने रूस से तेल खरीद पर ग्रीर के बयान को डोनाल्ड ट्रंप का डबल स्टैंडर्ड बताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ट्रंप खुद को व्यापार और निवेश की संभावनाओं को देखते हुए रूस के साथ संबंध बना रहे हैं। वे चाहते हैं कि यूक्रेन रूस को रियायते दें लेकिन रूस पर दबाव बनाए रखने के लिए भारत का इस्तेमाल करना चाहते हैं। रूस से तेल के लिए हमारे दरवाजे बंद करवाना चाहते हैं क्योंकि हम कथित तौर पर युद्ध को फाइनेंस कर रहे हैं।उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के डबल स्टैंडर्ड का उदाहरण देते हुए कहा, 'ट्रंप रूस के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं लेकिन चाहते हैं कि हम (भारत) रूस से पीछे हटें।' सिब्बल ने आगे कहा, 'ट्रंप रूस के साथ शांति के लिए जेलेंस्की पर दबाव डाल रहे हैं, लेकिन (उल्टा) चाहते हैं कि हम जेलेंस्की की मदद के लिए रूस पर दबाव डालें।
इस्लामाबाद: अफगानिस्तान की तालिबान आर्मी ने कथित तौर पर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ड्रोन अटैक किया है। अफगान सेना के शुक्रवार के ड्रोन हमले के बाद इस्लामाबाद हवाई अड्डा…
तेहरान: अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण खर्ग आईलैंड पर हमला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इस हमले की जानकार दी है और…
तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका पर हमला बोला और कहा कि वॉशिंगटन पर भारत समेत दुनिया भर के देशों के सामने रूसी तेल खरीदने…
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग आईलैंड पर हमला किया है। इस हमले के साथ ही यह सवाल उठने लगा है…
वॉशिंगटन: ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान के मिसाइल हमले…
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि सेंट्रल कमांड ने ईरान के सबसे बड़े तेल टर्मिनल खर्ग आईलैंड पर भीषण हमला किया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल…
ढाका: बांग्लादेश में तारिक रहमान के पीएम बनने के बाद विदेश मंत्री खलीलुर रहमान शनिवार को अपनी पहली विदेश यात्रा पर तुर्की जा रहे हैं। खलीलुर रहमान तुर्की के विदेश मंत्री…
इस्लामाबाद, पाकिस्तान ने गुरुवार रात अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए। रॉयटर्स के मुताबिक, काबुल में घरों पर हुई बमबारी में 4 लोगों की मौत और 15 घायल हो…