भारत पर क्या असर?
ईरान यह युद्ध अब पश्चिम एशिया में एनर्जी वार के रूप में बदल गया है। इससे दुनिया में कच्चे तेल का संकट पैदा हो सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर तक पहुंचती है यह भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालेगा।- कच्चे तेल में 10 डॉलर की बढ़ोतरी भारत में थोक महंगाई को लगभग 0.9% तक बढ़ा सकती है। वहीं 200 डॉलर का स्तर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों को दोगुना कर सकता है, जिससे माल ढुलाई और खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छूने लगेंगे।
- भारत का तेल आयात बिल काफी बढ़ जाएगा जिससे डॉलर की मांग बढ़ेगी। ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपया 95 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर सकता है।
- अनुमान है कि तेल की कीमतों में 30 डॉलर की वृद्धि भारत के चालू खाता घाटा (CAD) को GDP के 2.5% तक बढ़ा सकती है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ेगा।
