भोपाल । मप्र में दुर्गा
उत्सव पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा। इस दौरान झांकियां भी सजाई जाएगी, लेकिन इस दौरान शासन की कोरोना गाइड लाइन का
पालन करना होगा। प्रदेश की शिवराज सरकार ने प्रदेश में दुर्गा उत्सव का आयोजन करने
की छूट देने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब झांकी लगाई जा सकेंगी। हालांकि एक समय
में 100 से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति पर पाबंदी रहेगी। कोरोना से बचाव के लिए शारीरिक
दूरी, मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य रूप से करना होगा। दुर्गा विसर्जन को लेकर
गाइडलाइन अलग से जारी की जाएगी। मध्य प्रदेश में काफी समय से दुर्गा उत्सव मानने की
अनुमति देने की मांग उठ रही है। इसके लिए सामाजिक संगठनों ने गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम
मिश्रा से मुलाकात भी की थी। वहीं, शनिवार को भोपाल जिला भाजपा के अध्यक्ष सुमित पचौरी
ने मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा था। देर शाम कोरोना की रोकथाम और व्यवस्था की समीक्षा
के दौरान मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार करने के बाद तय किया कि केंद्र
सरकार ने अनलॉक-4 के तहत अधिकांश प्रतिबंध हटा लिए हैं। लॉकडाउन अब कहीं भी नहीं रहेगा।
ऐसे में दुर्गा उत्सव का आयोजन भी कोरोना गाइडलाइन के साथ हो सकता है। झांकियों में
भीड़ न लगे, इसका आयोजकों को विशेष ध्यान रखना होगा। बचाव के लिए प्रोटोकॉल का पालन
करें मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि लॉकडाउन खुलने और जीवन सामान्य होने के साथ-साथ
कोरोना संक्रमण का प्रसार संभावित है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रोटोकॉल
का पालन करना होगा। जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है। हर जिले में कमांड एंड कंट्रोल
सेंटर बनेगा। बिना या मंद लक्षण वाले पॉजिटिव रोगियों के लिए होम आइसोलेशन की व्यवस्था
को प्रोत्साहित किया जाएगा। ऐसे मरीजों से सेंटर में तैनात डॉक्टर दिन में दो बार वीडियो
कॉल के माध्यम से बात कर स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे। अब घर-घर जाकर नहीं लेंगे सैंपल
बैठक में बताया गया कि अब घर-घर जाकर कोरोना संभावित व्यक्तियों के सैंपल नहीं लिए
जाएंगे। इसके लिए फीवर क्लीनिक को प्राथमिक स्रोत के रूप में विकसित किया जाएगा।
29 फरवरी 2020 या उसके पहले इलाज की जो दर तय है, उसके अनुसार ही फीस ली जाएगी। कोई
भी अस्पताल इस दर में 40 फीसद से अधिक की वृद्धि नहीं कर सकेंगे।