- 28 फरवरी को युद्ध के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत
- अमेरिका ने इस हमले को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और इजरायल ने 'ऑपरेशन रोअर ऑफ द लॉयन' नाम दिया है।
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया है। इससे तेल की कीमतों में इजाफा शुरू हो गया है।
- पेंटागन ने अभी तक 6 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। 18 घायल हैं। इजरायल में अभी तक 12 लोगों की मौत की जानकारी दी गई है।
- खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सरकार चलाने के लिए अंतरिम शासी परिषद का गठन किया गया है।
- ईरान ने खाड़ी के कई देशों जैसे सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे देशों पर भीषण हमले किए हैं।
- अमेरिका के बी-2 बॉम्बर्स ने ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु केन्द्रों और मिसाइल भंडारण सुविधाओं पर हमले किए हैं।
- ईरान के रेड क्रेसेंट ने ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 600 से ज्यादा पहुंचने की जानकारी दी है। इनमें बड़ी संख्या में सैनिक और आम नागरिक हैं।
- अमेरिका ने खाड़ी देशों में स्थित प्रमुख दूतावासों जैसे इराक, जॉर्डन और कुवैत से अपने अधिकारियों को तत्काल निकल जाने को कहा है।
- डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि युद्ध 4-5 हफ्ते या उससे भी ज्यादा दिनों तक चल सकता है। ट्रंप ने ईरान में सैनिकों को उतारने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
