सेना के जवान नहीं कर सकेंगे सोशल मीडिया का उपयोग, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
Updated on
06-08-2020 09:44 PM
नई दिल्ली । भारतीय सेना के जवान सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकेंगे। सेना के जवानों को सोशल मीडिया ऐप डिलीट करने के सेना के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए आदेश दिया है कि जवानों की सुरक्षा और इंटेलिजेंस की सूचनाओं को देखते हुए सेना को यह निर्णय लेना पड़ा है। कोर्ट को सेना के इस मामले में दखल देने की कोई जरूरत नहीं लगती। कोर्ट में याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान सेना के द्वारा इस मामले में एक सीलबंद ड्राफ्ट भी दायर किया गया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सेना को अपने जवानों को किसी भी तरह के हनीट्रैप से बचाने के लिए सोशल मीडिया ऐप को डिलीट करने का फैसला लेना पड़ा। इसके अलावा इंटेलिजेंट से मिलने वाले इनपुट्स के आधार पर सोशल मीडिया एप का इस्तेमाल कर रहे और दूर-दराज के इलाकों में तैनात जवानों की खुद की सुरक्षा दांव पर थी। इसके अलावा जवानों से जुड़ी हुई संवेदनशील जानकारियां इन ऐप के माध्यम से अपडेट हो रही हैं, जो खतरनाक स्थिति है।
दरअसल फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया से जुड़े 89 ऐप और वेबसाइट को आर्मी के जवानों को 15 जुलाई तक डिलीट करने के आदेश दिए गए थे। इसके खिलाफ याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया है कि यह सीधे तौर पर जवानों के मौलिक अधिकारों का हनन है। यह याचिका खुद आर्मी से रिटायर लेफ्टिनेंट कर्नल पीके चौधरी की तरफ से लगाई गई थी। याचिका में कहा गया था कि 6 जुलाई का इंडियन आर्मी का यह आदेश पूरी तरीके से मनमाना और असंवैधानिक है।
जवानों की ड्यूटी अक्सर रिमोट एरियाज में होती है। जहां उनके पास अपने परिवार के लोगों और दोस्तों से संपर्क का यही जरिया होता है। याचिका में कहा गया है कि राइट टू प्राइवेसी के तहत जवानों की निजी जिंदगी में सीधा दखल है। सोशल मीडिया के इस्तेमाल की पाबंदी और अपने फेसबुक जैसे सोशल मीडिया अकाउंट को डिलीट करने के आदेश मौलिक अधिकारों का सीधा हनन है। याचिका में कहा गया है कि अगर सेना के जवान अपने अकाउंट को डिलीट करते हैं तो वे अपना पर्सनल डाटा खो देंगे, जो उनके लिए बहुमूल्य है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि सेना के जवान घर से दूर होते हैं, लिहाज़ा, घर परिवार की शादी, बच्चों का जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत उत्सवों में शामिल नहीं हो पाते। ऐसे में फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया अकाउंट पर वो परिवार द्वारा साझा किए गए वीडियो और फोटो देख पाते है। लेकिन सेना के नए आदेश के बाद जवानों के लिए ये करना भी संभव नहीं होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की किसी भी दलील को वाजिब नहीं समझते हुए सेना के द्वारा दायर किए गए उस हलफनामे और सैनिकों की संवेदनशील इलाकों में तैनाती और उनकी सुरक्षा के मद्देनजर इस याचिका को खारिज कर दिया है।
संभल: यूपी का संभल जिला हमेशा सुर्खियों में बना रहा है। संभल में तैनात सीओ कुलदीप कुमार का एक बयान आजकल सोशल मीडिया पर बहुत छाया है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी…
डीडवाना: एग्जाम टॉप करने वाले बच्चों को पैरेंट्स या परिवार की ओर से खुशियां लुटाने के तो आपने हजारों मामले देखे होंगे, लेकिन राजस्थान में सरकारी शिक्षक ने अपने खर्च पर…
गुवाहाटी : असम के चाय बागान श्रमिकों के लिए आज ऐतिहासिक दिन रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी में एक विशेष समारोह के दौरान चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टे…
पाली : राजस्थानी भजनलाल सरकार ने एक बार फिर भारतीय पुलिस के अधिकारियों के तबादले किए है। कार्मिक विभाग की इस प्रक्रिया में राजस्थान के कई जिलों के पुलिसअधीक्षक (SP) भी…
चेन्नई, तमिलनाडु में विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है। आमतौर पर चुनाव कार्यकाल खत्म होने से 4-6 हफ्ते पहले कराए जाते हैं। ऐसे में चुनाव अप्रैल…
नई दिल्ली, देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डेटा सेंटरों की बिजली मांग तेजी से बढ़ने का अनुमान है। 2031-32 तक डेटा सेंटरों से…
नई दिल्ली, कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को कांशीराम जयंती पर हुए संविधान सम्मेलन में हिस्सा लेने लखनऊ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में जाति देखकर इंटरव्यू में…
नई दिल्ली, केंद्र ने शनिवार को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटा दिया। सरकार ने कहा कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से…
शिमला, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का असर अब हिमाचल प्रदेश के पर्यटन कारोबार पर पड़ना शुरू हो गया है। LPG सिलेंडर और पेट्रोज-डीजल की कमी की आशंका ने पर्यटकों…