स्कीम के 3 हिस्से
- पहले में उन एक्सपोर्टर्स को 100% तक रिस्क कवरेज मिलेगा, जो अपने कंसाइनमेंट्स के लिए ECGC क्रेडिट इंश्योरेंस कवर इस साल 14 फरवरी से 15 मार्च के बीच ले चुके हैं। यह मौजूदा ECGC कवर के अतिरिक्त होगा।
- दूसरे में जो निर्यातक 16 मार्च से 15 जून में कंसाइनमेंट भेजने की योजना बना रहे हैं, वे ECGC कवर लेंगे तो सरकार 95% तक रिस्क कवरेज देगी, जो मौजूदा ECGC कवर के ऊपर होगा।
- तीसरे हिस्से में MSME निर्यातकों पर खास फोकस है। जिन MSME एक्सपोर्टर्स ने 14 फरवरी से 15 मार्च के बीच क्रेडिट इंश्योरेंस न लिया हो, उन्हें दुलाई और बीमा की बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा रीइंबर्स किया जाएगा। यह बढ़ी लागत के 50% तक होगा। इसमें प्रति निर्यातक 50 लाख रुपये तक की सीमा भी होगी।
