नए वियरेबल डिवाइस Temple को लेकर X पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। दरअसल शुक्रवार को कुछ डॉक्चर्स की ओर से जोमैटो के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल के नए डिवाइस टेंपल को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद दीपिंदर गोयर की ओर से भी प्रतिक्रिया आई और अब ‘द लिवर डॉक्टर’ जैसे सोशल मीडिया पर मशहूर डॉक्टर्स ने टेंपल को स्कैम तक घोषित कर दिया है। इस पर दीपिंदर गोयल ने डॉक्टरों के अपने विजन का बचाव करते हुए खास वर्ग पर निशाना साधा है और पिछली टिप्पणी पर माफी भी मांगी है।
टेंपल को बताया स्कैम
X पर एक पोस्ट में डॉ. सिरिएक एबी फिलिप्स ने टेंपल पर आरोप लगाते हुए लिखा कि इसके कई बड़े वैज्ञानिक दावे प्रमाणित नहीं हैं। उन्होंने टेंपल द्वारा दिमाग में खून के बहाव और ऑक्सीजन मॉनिटर करने के साथ-साथ बायोलॉजिकल 'एंट्रॉपी स्कोर' मापने के दावे पर सवाल उठाए हैं।
इसके अलावा उन्होंने टेंपल के रिस्ट वियरेबल्स डिवाइस के मुकाबले ज्यादा सटीक हार्ट रेट ट्रैकिंग करने के दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं। डॉ. सिरिएक एबी फिलिप्स के अनुसार कंपनी के नॉन-पीयर रिव्यूड प्री-प्रिंट्स सिर्फ इतना दिखाते हैं कि टेंपल सिर्फ सिर की त्वचा और टेम्पोरल क्षेत्र में बढ़े ब्लड फ्लो को भांप सकता है।
उनके अनुसार टेंपल का ब्रेन फंक्शन या एजिंग से सीधा संबंध नहीं है। द लिवर डॉक के नाम से मशहूर डॉ. सिरिएक एबी फिलिप्स ने X पर अपने पोस्ट में टेंपल को स्कैम तक घोषित किया है। बता दें कि इससे पहले एम्स दिल्ली के डॉक्टर ऋषभ जैन ने भी टेंपल को लेकर सवाल खड़े किए थे।
द लिवर डॉक ने बताया स्कैम
दीपिंदर गोयल ने दिए जवाब
टेंपल पर गहराते विवाद पर दीपिंदर गोयल ने भी स्थिति साफ की है। उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा कि पिछली रात अपनी टिप्पणी में सभी डॉक्टरों को शामिल करना सही नहीं था और इसके लिए वे माफी मांगते हैं।
उन्होंने अपने पोस्ट में साफ किया कि वे कई डॉक्टर्स के साथ काम करते हैं और उनके बड़े भाई भी खुद एक डॉक्टर हैं। उन्होंने लिखा कि वे चुनिंदा इन्फ्लुएंसर डॉक्टरों पर गुस्सा थे, जो रिसर्च को बिना पढ़े सिर्फ व्यूज के लिए नए प्रयोग को स्कैम बता रहे हैं। दीपिंदर ने जोर देकर कहा कि यही काम कोई नया फाउंडर करता, तो ऐसे सवाल नहीं उठाए जाते।
दीपिंदर ने रखा कंपनी का पक्ष
दीपिंदर ने मांगी माफी
दीपिंदर ने रखा कंपनी का पक्ष
दीपिंदर ने X पर एक ताजा पोस्ट में टेंपल को लेकर कंपनी का पक्ष रखा है। गोयल के मुताबिक ये ऐसा AI कंपैनियन डिवाइस है जो बिना किसी माइक के सिर्फ मोशन सेंसर्स के जरिए यूजर की वोकल वाइब्रेशंस को पकड़ता है, इससे प्राइवेसी के साथ छेड़छाड़ का डर खत्म हो जाता है।
वहीं कंपनी का यह भी दावा है कि टेम्पोरल आर्टरी के पास होने की वजह से यह डेटा बेहतर तरीके से कैप्चर करता है। उन्होंने कहा कि टेंपल लगातार R&D के साथ विकसित होने वाला प्रोजेक्ट है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि एंट्रॉपी जैसे कई रिसर्च ब्रेकथ्रू पर काम और वैलिडेशन अभी जारी हैं।
बता दें कि इससे पहले दीपिंदर टेंपल को लेकर लिख चुके हैं कि यह एक फिटनेस ट्रैकर है न कि मेडिकल डिवाइस।