क्यों बढ़ रहा पार्टी के भीतर असंतोष
मामला यहीं नहीं रुका है। कांग्रेस में अब भी मौजूद मुस्लिम नेता जैसे तारिक अनवर और राशिद अल्वी भी शकील अहमद के सुर में सुर मिलाते दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई मुस्लिम नेता खुद को टिकट बांटने, संगठन और प्रचार से दूर महसूस कर रहे हैं। यहां तक आरोप लग रहे हैं कि राहुल गांधी अल्पसंख्यक नेताओं के साथ सार्वजनिक मंचों पर तस्वीरें खिंचवाने से भी बचते हैं।
क्या राहुल गांधी बदल पाएंगे हालात?
ताजा घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राहुल गांधी उस समुदाय को फिर से साथ ला पाएंगे, जो दशकों तक कांग्रेस की रीढ़ रहा है, लेकिन अब खुद को ठगा और उपेक्षित महसूस कर रहा है? हालांकि इतना तय है कि आने वाले विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि राजनीतिक दिशा और नेतृत्व की अग्निपरीक्षा साबित होंगे।
