भिलाईं । वाटर
हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ
आउटलेट नाली निर्माण
से चंद्रा मौर्या
अंडरब्रिज में जमा
होने वाली बारिश
के पानी से
बड़ी राहत मिली
है। बुधवार से
लगातार बारिश हो रही
है, पर चंद्रा
मौर्या अंडरब्रिज में पानी
जमा नहीं हो
रहा है। पानी
की आसानी से
निकासी हो रही
है। संपवेल के
मोटर पंप बंद
होने के बावजूद
अंडरब्रिज में पानी
जमा होने की
शिकायत नहीं आई
है। लोग आसानी
से पटरीपार क्षेत्र
से टाउनशिप और
टाउनशिप से पटरीपार
क्षेत्र की ओर
आवाजाही कर रहे
हैं। पहले चंद्रा
मौर्या अंडरब्रिज में हल्की
बारिश में पानी
जमा हो जाता
था। वाहनों की
आवाजाही बंद हो
जाती थी! बारिश
के चार महीने
में यह ब्रिज
अनुपयोगी हो जाता
था। इसकी वजह
से सुपेला रेलवे
क्रासिंग पर टैफिक
का दबाव बढ़
जाता था। लोगों
को परेशानी से जूझना
पड़ता था। इस
समस्या को देखते
हुए महापौर व
भिलाई नगर विधायक
देवेन्द्र यादव ने
इस समस्या के
निराकरण के लिए
डि-वॉटरिंग /दो
संपवेल और आउटलेट
सिस्टम पर जोर
दिया। महापौर के
निर्देश के मुताबिक
निगम के अधिकारियों
ने निरीक्षण कर
10 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा
और 6 मीटर गहरा
दो संपवेल का
प्रस्ताव तैयार किया। प्रस्ताव
के मुताबिक 27 लाख
की लागत से
टाउनशिप गैरेज रोड के
किनारे वाटर हार्वेस्टिंग
सिस्टम युक्त दो संपवेल
बनवाया गया है।
इससे अंडरब्रिज पर
जमा होने वाली
बारिश का पानी
आसानी से वाटर
हार्वेस्टिंग सिस्टम के गड्ढे
में चला जाता
है। अधिक बारिश
की स्थिति में
गडढे से पानी
ओवर फ्लो होकर
आउटलेट के माध्यम
से कोसानाला की
ओर बह जाता
है। निगम प्रशासन
की इस तरह
के प्रयास से
अब तक अंडरब्रिज
में पानी जमा
होने की समस्या
नहीं आई है।
वहीं प्रियदर्शनी अंडरब्रिज
की नाली में
कचरा फंसने की
वजह से पानी
जमा हो गया
था। नाली की
सफाई के बाद
पानी की निकासी
प्रारंभ हो गई
है।
रिसाव का पानी भी नहीं हो रहा जमा
चंद्रा-मौर्या टॉकीज रोड के अंडरब्रिज में भूमिगत जल स्त्रोत होने के कारण गर्मी के दिनों में भी कई दफा सीपेज होती है। पानी को निकालने के लिए रिटेनिंग वॉल में पीप होल्स बनाए गए हैं। इन पीप होल्स में सूखे मौसम में भी पानी झरता है। जमीन में कांक्रीटीकरण से भी पानी निकलकर अंडरब्रिज पर जमा होता था। वह भी इस बार संपवेल में जमा हो रहा है। उसे मोटर पंप से खींचा जा रहा है।