भारत ने क्या किया खेल?
अमेरिका भी भारत के साथ ट्रेड डील करना चाहता है। यह डील काफी लंबे समय से अटकी हुई है। ट्रंप चाहते हैं कि भारत अमेरिका को एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर में एंट्री दे, जिसका दिल्ली में विरोध किया है। रूसी तेल को लेकर ट्रंप भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगा चुके हैं। इसके बावजूद भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की तरह जल्दबाजी नहीं दिखाई।भारत ने जल्दी ही वह पहचान लिया जो यूरोप अब सीधे तौर पर सामना कर रहा है। वह यह कि या समय सीमा के तहत हासिल किया गया सौदा अल्पकालिक दिखावा तो दे सकता है, लेकिन दीर्घकालिक सुरक्षा बहुत कम। भारत के वार्ताकारों ने घबराहट के बजाय धैर्य चुना, यह दिखाते हुए कि रणनीतिक गहराई त्वरित समापन से अधिक महत्वपूर्ण थी।
