दुर्ग । दो
दिनों से हो
रही भारी बारिश
के चलते जलभराव
वाले क्षेत्रों की
स्थिति देखने कलेक्टर डॉ.
सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे आज
शिवनाथ नदी एवं
अन्य महत्वपूर्ण नालों
के नजदीक बसे
गांवों में पहुंचे।
सबसे पहले वे
करीब सुबह दस
बजे महमरा एनीकट
पहुंचे। उस समय
महमरा एनीकट में
शिवनाथ का जलस्तर
साढ़े आठ फीट
ऊपर से बह
रहा था। यह
स्तर शाम को
छह बजे साढ़े
दस फीट तक
पहुंच चुका था।
जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों
ने बताया कि
मोंगरा, घूमरिया एवं सूखा
नाला जलाशय से
लगभग साढे चैवालीस
हजार क्यूसेक पानी
छोड़ा जा चुका
है। महमरा एनीकट
के किनारे के
तीन गांवों महमरा,
पीपरछेड़ी एवं चंगोरी
में स्थिति का
जायजा कलेक्टर ने
लिया। इसके बाद
वे धमधा ब्लाक
के गांवों में
गए। यहां आमनेर
नदी की वजह
से छह गांवों
का संपर्क टूट
चुका है। कलेक्टर
ने यहां पहुंचकर
उन गांवों की
स्थिति की जानकारी
ली। स्थानीय अमले
ने बताया कि
फोन पर उस
गांव के अमले
से वे लगातार
संपर्क में है।
कलेक्टर देउरकोना पहुंचे और
यहां स्थिति की
जानकारी ली। इसके
अलावा उन्होंने तुमाखुर्द
में भी स्थिति
की जानकारी ली।
यहां पर पानी
बढ़ जाने की
वजह से निकटवर्ती
गांवों से संपर्क
टूट गया है।
कलेक्टर ने यहां
स्थित होमगार्ड के
जवानों को स्थिति
पर नजर रखने
एवं किसी भी
को पुल पार
करने का जोखिम
नहीं लेने के
निर्देश दिये। कलेक्टर ने
एसडीएम बृजेश क्षत्रिय को
कहा कि स्थिति
पर लगातार नजर
रखे। जहां कहीं
भी रेस्क्यू की
जरूरत होती है
टीम को तैयार
रखें। श्री क्षत्रिय
ने बताया कि
एहतियातन कुछ गांवों
में लोगों को
सुरक्षित जगहों पर ले
जाया गया है।
जैसे अकोला में
सोलह लोगों को
सुरक्षित स्थान में ठहराया
गया है। हिर्री
में घर टूट
जाने की वजह
से दो परिवारों
को आश्रय स्थल
में ठहराया गया।
तीनों ब्लॉकों में
217 मकानों में क्षति
पहुंची है। दुर्ग और पाटन
ब्लॉक में भी
स्थिति नियंत्रण में- दुर्ग
और पाटन ब्लॉक
में भी खासी
बारिश हुई है।
पाटन में एसडीएम
श्री विनय पोयाम
ने बताया कि
छोटे नाले उफान
पर हैं। जमराव
में कुछ परिवारों
को एहतियात के
रूप में सुरक्षित
स्थान में भेज
दिया गया है।
एसडीएम दुर्ग श्री खेमलाल
वर्मा ने बताया
कि दुर्ग में
शंकर नगर नाले
में कुछ परिवार
प्रभावित हुए हैं
जिन्हें कल शाम
से ही फूड
पैकेट भेजे जा
रहे हैं। इसके
साथ ही वार्ड
नंबर 15 के 20 लोगों को
श्रमिक भवन में
ठहराया गया है।