रेलवे भूमि विकास
प्राधिकरण आरएलडीए ने नई
दिल्ली रेलवे स्टेशन को
'इंटीग्रेटेड कमर्शियल, रिटेल और
हॉस्पिटैलिटी हब' के
रूप में पुनर्विकसित
करने के लिए
निजी एजेंसियों से
ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित की
हैं। इस परियोजना
को 60 वर्षों के
लिए 'डिजाइन-बिल्ड,
फाइनेंस, ऑपरेट, ट्रांसफर डीबीएफओटी
मॉडल के तौर
पर विकसित किया
जाएगा। परियोजना के लिए
अनुमानित लागत लगभग
6500 करोड़ रुपये है। इस
परियोजना के लगभग
चार वर्षों में
पूरी होने की
उम्मीद है। आरएलडीए
के अनुसार, इस
महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य
नई दिल्ली रेलवे
स्टेशन को 'मल्टी-मॉडल हब'
के रूप में
विकसित करना है,
जो बुनियादी और
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस
हो। इसमें एलिवेटेड
कॉन्कोर्स, बहुस्तरीय कार पार्किंग
समेत कई सुविधाएं
शामिल हैं। परियोजना
में लगभग 30 एकड़
भूमि पर पांचसितारा
होटल, बजट होटल
और अपार्टमेंट सरीखे
वाणिज्यिक निर्माण भी शामिल
होंगे। कनॉट प्लेस
के बाहरी सर्कल
में सिविक सेंटर
के समीप भवभूति
मार्ग पर बिजनेस
हब की परिकल्पना
भी की जा
रही है। स्टेशन
को डीएमआरसी येलो
लाइन, एयरपोर्ट एक्सप्रेस
लाइन और पैदल
मुख्य मार्ग के
जरिए कनॉट प्लेस
आउटर सर्कल से
जोड़ा जाएगा। गौरतलब
है कि नई
दिल्ली रेलवे स्टेशन देश
का सबसे बड़ा
और दूसरा सबसे
व्यस्त रेलवे स्टेशन है।
यहां प्रतिदिन लगभग
4.5 लाख यात्रियों सालाना लगभग
16-17 करोड़ यात्री का आवागमन
होता है। रेलवे
भूमि विकास प्राधिकरण
के वाइस-चेयरमैन
वेद प्रकाश डुडेजा
के मुताबिक, प्रस्तावित
स्टेशन एस्टेट की आर्किटेक्चरल
एक्सप्रेशन और स्पेस
कंफिगरेशन ऐतिहासिक महत्व और
आधुनिकता का एक
अनूठा मिश्रण होगा।
नई दिल्ली रेलवे
स्टेशन 'रिटेल, कमर्शियल और
हॉस्पिटैलिटी बिजनेस' के लिए
विश्वस्तरीय वन-स्टॉप
डेस्टिनेशन में बदल
जाएगा। स्टेशन का पुनर्विकास
पर्यटन को तो
बढ़ावा देगा ही,
साथ ही साथ
नई दिल्ली और
आसपास के क्षेत्रों
में निवेश की
संभावनाओं को भी
बढ़ाएगा। कई चरणों
में चलने वाले
पुनर्विकास प्रक्रिया में स्टेशन
का पुनर्विकास, स्टेशन
से संबद्ध मूलभूत
सुविधाओं का विकास,
सामाजिक सुविधाओं का विकास
और रेलवे ऑफिस
व क्वार्टरों का
नवीकरण शामिल होंगे। पुनर्विकास
में आगमन और
प्रस्थान करने वाले
यात्रियों के लिए
अलग-अलग जगह,
प्लेटफार्मों का नवीकरण,
यात्रियों की सुविधाओं
के लिए लाउंज,
फूड कोर्ट और
टॉयलेट, अनेक प्रवेश
और निकास द्वार
होंगे। इनके अलावा,
एलिवेटेड रोड नेटवर्क,
बहुस्तरीय कार पार्किंग
सुविधा, प्राकृतिक हवा व
प्रकाश व्यवस्था का प्रावधान
शामिल हैं।