बैतूल । फसल बीमा की राशि दी जाने की मांग को लेकर भैंसदेही ब्लॉक के ग्राम मालेगांव के किसानों ने बुधवार संयुक्त रूप से सांसद, पूर्व विधायक एवं कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि वर्ष 2019 का खरीफ फसल बीमा में ग्राम पंचायत मालेगांव के 100 प्रतिशत किसान लाभ से वंचित हो गए हैं। किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बीमा राशि शीघ्र नहीं दिलवाए जाने की दशा में वह आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
किसान डॉ राजू महाले, जगजीवन भराड़े, डॉ संतोष बघेल, अरुण दाबडे, जगदीश खासदेव, आनंद राव धोटे ने बताया ग्राम मालेगांव में पिछले वर्ष 2019 की खरीफ फसल प्राकृतिक आपदा की वजह से खराब हुई थी। जिसकी बीमा राशि आज तक मालेगांव के किसी भी किसान को प्राप्त नहीं हुई। किसान तुकाराम, विजय, राजेश, पंकज गवहाड़े, संदीप, निलेश दाभडे, भगवंतराव वडुकले, लालूराम, मधुकर बारस्कर ने बताया कि अतिवृष्टि से सोयाबीन मूंग, उड़द, मूंगफली, मक्का की फसल क्षतिग्रस्त हो गई थी। हमारे पड़ोसी गांव बांसनेरकला, बांसनेरखुर्द, बोरगांव, कोलगांव, मासोद, गोरेगांवव, आमला के सभी किसानों को 2019 फसल बीमा का लाभ मिल गया, लेकिन मालेगाव के किसान फसल बीमा से वंचित रह गए हैं। 18 सितंबर 2020 को वर्ष 2019 की खरीफ फसल की राशि बीमा कंपनी द्वारा जारी की गई है। उसमें भी ग्राम पंचायत मालेगांव, तहसील टप्पा झल्लार पटवारी हल्का नंबर 67 तहसील भैंसदेही के किसानों की राशि जारी नहीं की गई है। जबकि पिछले वर्ष खरीफ की फसल अत्यधिक वर्षा की वजह से 90 प्रतिशत खराब हुई थी। किसानों ने मांग की है कि वर्ष 2019 खरीफ की मुआवजा राशि शासन व बीमा कंपनी से जल्द से जल्द दिलाई जाए। इस वर्ष भी खरीफ की फसलें पूरी तरह खराब हो गई है। इसलिए शीघ्र ही 100 प्रतिशत नुकसान की रिपोर्ट बनाकर जल्द से जल्द मुआवजा व बीमा क्लेम दिलाया जाए।
-विगत 10 वर्षों से प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसान...
वरिष्ठ कृषक डॉ राजू महाले ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के चलते वर्ष 2011 से सोयाबीन, उड़द, मक्का पर महामारी आने से उत्पादन 75 प्रतिशत कम हो गया। 2013-14 में बहुत कम राशि कुछ ही किसानों को बांटी गई जो बीज की लागत भी नहीं थी। 2015 में सोयाबीन कटाई रेंडम 0.450 ग्राम से कम आने के बाद भी फसल बीमा नहीं मिला। 2017 में किसानों द्वारा उपभोक्ता फोरम में बीमा नहीं मिलने के कारण केस दर्ज किया गया। 2018 रबी फसल गेहू, चना ओलावृष्टि के कारण मालेगांव, बोरगांव, मासोद के 90 प्रतिशत किसानों को मुआवजा एवं फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिला। 24/04/2017 को प्रधानमन्त्री द्वारा किसानों के हित में कार्यवाही हेतु प्रमुख सचिव को पत्र लिखा। किसानों द्वारा फसल बीमा दिलाएं जाने हेतु उपवास काल बीएचएल मैदान में ज्ञापन सौंपा गया था। 01/10/2019 को जन सुनवाई में फसल बीमा हेतु आवेदन किया गया था। फ़रवरी 2020 जन सुनवाई में ऋण माफी से वंचित किसानों द्वारा ऋण माफी योजना में पोर्टल पर त्रुटिपूर्ण जानकारी भरने के कारण हजारों किसान लाभ से वंचित रह गए। 26/08/2020 को उपसंचालक कृषि वैज्ञानिक बैतूल की टीम द्वारा सोयाबीन, उड़द, मक्का आदि फसलों का निरीक्षण किया तब से आज तक अति वृष्टि एवं पिला मोजक से 80 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई है। वर्ष 2019 का खरीफ फसल बीमा में ग्राम पंचायत मालेगांव के 100 प्रतिशत किसान लाभ से वंचित हो गए हैं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उपरोक्त समस्याओं का 15 दिवस के अन्दर निराकरण नहीं होने पर वह भाजपा ग्राम इकाई अध्यक्ष जगजीवन भराड़े, उप सरपंच कृष्णा वडुकले के नेतृत्व में आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में दिलीप ठाकरे, पंकज ठाकरे, हंसराज महाले, मधु बारस्कर, जगदीश खासदेव, अरूण दाभड़े, निलेश दाभड़े, आनंदराव धोटे, डॉ संतोष बघेल, भीम बारस्कर, पंकज गव्हाड़े, वरिष्ठ किसान डॉ राजू महाले, दुधराव वडुकले, प्रकाश अड़लक, रमेश दाभड़े, किसनराव राने, रामु दहीकर, लक्ष्मण नावंगे, ग्यानदेव घोड़की, नत्थू जी नावंगे, अनिल पटेल मासोद आदि शामिल है।