रूसी तेल खरीद पर क्या कहते हैं आंकड़े?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत वर्तमान में अपने कच्चे तेल का लगभग एक तिहाई रूस से आयात करता है। दिसंबर 2025 में खरीद घटकर 2.7 अरब डॉलर रह गई। यह तीन साल का सबसे निचला मासिक स्तर था। नवंबर के 3.7 अरब डॉलर की तुलना में लगभग 27% कम। इस गिरावट के बावजूद 2025-26 में रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बना रहा। इसने अप्रैल और दिसंबर के बीच 105.1 अरब डॉलर के कुल आयात का 31.5% हिस्सा लिया।वॉशिंगटन के साथ बातचीत जारी रहने के साथ नायरा रिफाइनरी का भाग्य इस बात से जुड़ा है कि भारत ऊर्जा सुरक्षा, भू-राजनीतिक दबाव और अमेरिका के साथ अपने विकसित होते व्यापारिक संबंधों को कैसे संतुलित करता है।
