लुटनिक के बयान को खारिज कर चुका है भारत
इसी महीने की शुरुआत में अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने दावा किया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया था। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बात को गलत बताया था। कहा था कि भारत ऐसे व्यापार समझौते के लिए तैयार है जिससे दोनों देशों को फायदा हो।लुटनिक ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि भारत ने तीन हफ्तों के भीतर ट्रंप से संपर्क न करके 'ट्रेन मिस कर दी', जबकि कई अन्य देशों के नेताओं ने ऐसा किया था।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे थे। कई बार समझौता फाइनल होने के करीब था।
भारत और अमेरिका ने पिछले फरवरी में बातचीत शुरू होने के बाद से पांच दौर की आधिकारिक स्तर की वार्ता की है। साथ ही मंत्रिस्तरीय स्तर पर भी चर्चाएं हुई हैं। जायसवाल ने यह भी बताया था कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 में आठ बार फोन पर बात की थी। इसमें द्विपक्षीय साझेदारी से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
