Select Date:

चीन का दबदबा, भारत-पाकिस्‍तान में दुश्मनी, फिर कैसे बढ़ रहा एससीओ का प्रभाव? एक्सपर्ट ने बताया

Updated on 31-08-2026 01:18 PM
बिश्केक: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का शिखर सम्मेलन आज से किर्गीस्तान के बिश्केक में शुरू हो चुका है। इस दो दिन की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे नेता शामिल हो रहे हैं। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक संबंध बदल रहे हैं। सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और ऊर्जा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर नेताओं के बीच चर्चा होने की उम्मीद है।

हालांकि SCO की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए गए हैं क्योंकि इसके सदस्यों के बीच मतभेद और भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ रही है। फर्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट में भारतीय सेना के टेरिटोरियल आर्मी के पूर्व प्रमुख मेजर जनरल एके सिवाच ने कहा कि संगठन ने अपनी प्रासंगिकता नहीं खोई है लेकिन समय के साथ इसकी भूमिका बदल गई है। सिवाच ने कहा कि SCO अब एक मजबूती से एकजुट सुरक्षा समूह नहीं रहा बल्कि एक व्यापक राजनयिक मंच बन गया है जहां यूरेशिया की बड़ी ताकतें अपने मतभेदों के बावजूद बातचीत कर सकती हैं।

क्या SCO पश्चिमी देशों के खिलाफ बन गया है मंच?

फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट में सिवाच ने कहा कि SCO को पश्चिमी देशों के खिलाफ गठबंधन नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समूह पश्चिमी देशों से अलग एक मंच है लेकिन इसे पश्चिम के खिलाफ सैन्य गठबंधन के तौर पर नहीं बनाया गया था। चीन, रूस, ईरान और बेलारूस जैसे देशों ने इस मंच का इस्तेमाल ज्यादा बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की वकालत करने और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की आलोचना करने के लिए किया है। साथ ही भारत और मध्य एशियाई देश पश्चिमी देशों के साथ भी मजबूत संबंध बनाए हुए हैं।अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ 'क्वाड' (Quad) में शामिल होने के साथ-साथ भारत SCO का सदस्य भी है। सिवाच ने कहा कि इससे पता चलता है कि SCO को सिर्फ 'पश्चिमी बनाम गैर-पश्चिमी' गुट के तौर पर नहीं देखा जा सकता। इसके अलावा संगठन में चीन की भूमिका पर सिवाच ने कहा कि बीजिंग का काफी असर है लेकिन SCO पर उसका पूरा कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि इस ग्रुप में फैसले आम सहमति से लिए जाते हैं जिससे कोई भी एक देश दूसरों पर अपनी मर्जी नहीं थोप सकता।

आंतरिक खींचतान के बाद भी SCO की ताकत क्यों नहीं हुई कम?

इसमें कोई शक नहीं है कि SCO में चीन मुख्य आर्थिक ताकत बना हुआ है और वह व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए इस ग्रुप का इस्तेमाल करता है जिसमें उसका 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) भी शामिल है। वहीं संगठन के राजनीतिक, सैन्य और सुरक्षा एजेंडे को तय करने में रूस की अहम भूमिका है। लेकिन सिवाच ने कहा कि चीन की कुछ पहलों का भारत विरोध करता जिसमें कुछ BRI फ्रेमवर्क को मंजूरी देने से इनकार करना भी शामिल है जो यह भी दिखाता है कि इस समूह में चीन के प्रभाव की सीमाएं क्या हैं।
इसके अलावा भारत और चीन के बीच सीमा का विवाद अभी भी सुलझा नहीं है जबकि कश्मीर और आतंकवाद के मुद्दों पर भारत-पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। इन मतभेदों के कारण SCO के लिए सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गहरा सहयोग विकसित करना मुश्किल हो जाता है। फिर भी आतंकवाद-विरोधी और क्षेत्रीय सुरक्षा के मामले में भी SCO अहम बना हुआ है खासकर अफगानिस्तान से जुड़ी चिंताओं के कारण। ताशकंद में स्थित इसका 'रीजनल एंटी-टेररिस्ट स्ट्रक्चर' (RATS), आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ खुफिया जानकारी साझा करने और सहयोग में मदद करता है।

बड़ी ताकतों को एक साथ लाने में सक्षम है SCO

सिवाच ने रूस और ईरान जैसे देशों के लिए SCO के आर्थिक महत्व की ओर भी इशारा किया जिन पर पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। यह समूह पश्चिमी वित्तीय नेटवर्क से हटकर व्यापार के वैकल्पिक रास्तों, क्षेत्रीय सप्लाई चेन और आर्थिक सहयोग के मौके दे सकता है। उन्होंने फर्स्टपोस्ट से कहा कि सुरक्षा समूह के तौर पर SCO भले ही पहले से ज्यादा बंटा हुआ और कम एकजुट हो गया हो लेकिन बड़ी ताकतों को एक साथ लाने की इसकी क्षमता के कारण इस संगठन को बेकार या अप्रासंगिक नहीं कहा जा सकता।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
इस्लामाबाद: आतंकवादी गतिविधियों में उम्र कैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक की पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने पति की रिहाई की गुहार लगाई है। मुशाल हुसैन…
 08 September 2026
तेल अवीव/नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना जोधपुर एयरफील्ड में इस महीने 9 से 22 सितंबर तक कई देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास करने वाली है। इसमें शामिल होने के लिए जापान…
 08 September 2026
तेल अवीव: इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने आरोप लगाया है कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहले से जानकारी थी। नेफ्ताली…
 08 September 2026
पेरिस: फ्रांस की राजधानी पेरिस में विवाद के पास मशहूर एफिल टावर को फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। एफिल टावर को बंद करने का फैसला कर्मचारियों…
 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
Advt.