Select Date:

चावल के रिकार्ड उत्पादन के बीच अमेरिका से आई इस 'पॉजिटिव' खबर से उत्साह में निर्यातक

Updated on 03-02-2026 01:34 PM
नई दिल्ली: आपको पता ही होगा कि इस साल भारत में चावल का रिकार्ड उत्पादन हुआ है। इस बीच, अमेरिका से भारतीय चावल (Basmati Rice) पर लगने वाले 50 फीसदी के टैरिफ के घट कर 18 फीसदी करने की खबर आ गई है। इससे भारतीय चावल निर्यातक (Rice Exporters) उत्साहित हैं। उनका कहना है कि अब भारतीय चावल निर्यातक थाईलैंड और पाकिस्तान जैसे देशों के निर्यातकों से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

लग रहा था भारी शुल्क

भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (IREF) के अध्यक्ष प्रेम गर्ग का कहना है कि इस समझौते से भारतीय चावल निर्यातकों को अमेरिका के बाजार में बड़ी राहत मिली है। अब भारत के चावल को थाईलैंड और पाकिस्तान जैसे देशों के बराबर ही अमेरिका में निर्यात किया जा सकेगा। IREF के मुताबिक, अमेरिका ने भारतीय चावल पर लगने वाले 50% ड्यूटी को घटाकर 18% कर दिया है। यह एक बहुत बड़ी राहत है, क्योंकि इससे पहले भारतीय चावल पर भारी शुल्क लगता था। अब यह शुल्क लगभग उतना ही हो गया है जितना थाईलैंड और पाकिस्तान जैसे देशों के चावल पर लगता है। उन देशों पर लगने वाली ड्यूटी करीब 19 फीसदी है।

हमारे पास अच्छी उपलब्धता

प्रेम गर्ग का कहना है, "यह भारतीय चावल निर्यातकों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है। खासकर तब, जब भारत रिकॉर्ड 149 मिलियन टन चावल उत्पादन के युग में प्रवेश कर रहा है। हमारे पास अच्छी उपलब्धता है और घरेलू बाजार भी मजबूत है।" उन्होंने आगे कहा, "भारतीय कृषि उत्पाद दुनिया की सप्लाई चेन में हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं। हाल के शिपमेंट पैटर्न से पता चलता है कि भारी शुल्क लगने के बावजूद भी इनकी मांग बनी हुई है।"

बढ़े शुल्क पर भी बढ़ा था निर्यात

महासंघ ने यह भी बताया कि अमेरिका को होने वाले भारतीय चावलों का निर्यात तब भी बढ़ा था, जब उस पर लगने वाले शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया था। IREF का कहना है कि इससे यह पता चलता है कि अमेरिकी खरीदार और उपभोक्ता भारतीय चावल को बहुत पसंद करते हैं। IREF का मानना है कि भारत की चावल निर्यात में प्रतिस्पर्धात्मकता (competitiveness) बहुत मजबूत है। शुल्क में समानता आने से निर्यात की मात्रा बढ़ेगी और कीमतों में भी सुधार होगा।

बिक्री बढ़ेगी

महासंघ ने कहा है कि शुल्क में यह बदलाव भारतीय चावल की अमेरिका में कीमत को और बेहतर बनाएगा। इससे बासमती और गैर-बासमती, दोनों तरह के चावलों की बिक्री बढ़ेगी। इससे भारत अमेरिका में अपनी बाजार हिस्सेदारी (market share) को बचा सकेगा और बढ़ा सकेगा। साथ ही, दूसरे देशों के मुकाबले और बेहतर तरीके से प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 March 2026
मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Currency Reserve) में बड़ी गिरावट हुई है। बीते सप्ताह अपना फॉरेन करेंसी एसेट या एफसीए (FCA) भंडार तो घटा ही है। साथ ही…
 14 March 2026
नई दिल्ली: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को कहा कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली अगले कुछ महीनों में क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े समझौते को अंतिम रूप देने…
 14 March 2026
नई दिल्ली: ईरान-इजरायल युद्ध (Iran-Israel War) की तपिश इस समय सिर्फ पश्चिम एशिया के देश ही नहीं, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया इससे परेशान है। भारत में देखिए तो हर…
 14 March 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी आई है। हाल में यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था और अब भी 100…
 14 March 2026
नई दिल्ली: सीबीआई ने 228 करोड़ रुपये के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी से पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।…
 14 March 2026
नई दिल्ली: प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक ने 2016 में नोटबंदी के दौरान दिल्ली की एक कंपनी की 3.2 करोड़ रुपये की नकदी जमा करने से इन्कार कर दिया था। बैंक…
 13 March 2026
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में टेंशन के बीच होर्मुज स्‍ट्रेट का नाम हर किसी की जुबान पर है। यह ईरान के दक्षिण में पतला पानी का रास्‍ता है। फारस की खाड़ी…
 13 March 2026
नई दिल्‍ली: महेश चूरी पालघर (महाराष्‍ट्र) के गांव बोर्डी के रहने वाले हैं। उन्‍होंने इस गांव में ही बिजनेस का जबरदस्‍त मॉडल खड़ा करके दिखाया है। वह 'चीकू पार्लर' के…
 13 March 2026
नई दिल्‍ली: स्थानीय शेयर बाजारों में बीते गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई थी। पश्चिम एशिया में संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में तेजी आने से ऐसा हुआ…
Advt.